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Teachers Day in Hindi-शिक्षक दिवस पर निबंध

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इस लेख को ( Teachers day in hindi ) पूरा पढ़ने  के बाद आप को मिलने वाली है शिक्षक दिवस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां । जिसे आप शिक्षक दिवस पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में भाषण निबंध अथवा वाद-विवाद सहित अन्य मंचों पर प्रस्तुत कर सकते हैं…!

गुरु कौन है ?

‘गु ‘    यानि अंधकार .अंधकार यानि अज्ञानता… अज्ञानता हमें अपनी सीमाओं में बांधता है.हमारी क्षमताओं और संभावनाओं को सीमित करता है । हमें हमारे विराट व्यक्तित्व के साक्षी होने से वंचित करता है इसी अज्ञानता रुपी अंधकार से मुक्त कर हमारे जीवन में ज्ञान का प्रकाश बिखेरने वाले व्यक्तित्व को हम गुरु कहतें हैं 

आने वाले 5 सितम्बर 2020 को शिक्षक दिवस(Teachers Day) मनाया जायेगा । शिक्षक दिवस शिक्षक और विद्यार्थी के सम्बन्ध को दर्शाने वाला एक उत्सव है । इस शिक्षक दिवस हम आपके लिए लेकर आये है तथ्यपूर्ण जानकारियां । गुरु का शाब्दिक अर्थ होता है अंधकार से प्रकाश की तरफ ले जाने वाला । भारतीय शास्त्रों ने गुरु की महिमा  कुछ इस प्रकार रेखांकित किया है…

गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु गुरुर देवो महेश्वरः ।
गुरुः साक्षात्परब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नमः
।।

गुरु को  साक्षात परब्रह्म परमात्मा का रूप बताया गया है । वास्तव में गुरु ही परमात्मा का वह अंश है जिनके पुरुषार्थ से कृतित्व से इस संसार में महान व्यक्तित्व का निर्माण होता है सृजन होता है

 तभी कबीर दास जी ने कहा है कि

गुरु गोविंद दोऊ खड़े का को लागूं पाय
बलिहारी गुरु आपनो जिन गोविंद दियो बताय
।।


कब  और क्यों मनाया जाता है 

शिक्षक दिवस ( teachers day in hindi )संपूर्ण भारतवर्ष में गुरु शिष्य परंपरा की महान विरासत को याद करते हुए प्रतिवर्ष 5 सितंबर को मनाया जाता है । शिक्षक दिवस भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान दार्शनिक, शिक्षाविद डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए उनके अमूल्य योगदान की स्मृति में मनाया जाता है

डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का व्यक्तित्व इतना महान था कि उनके लिए वर्ष 1952 में विशेष रूप से उपराष्ट्रपति का पद सृजित किया गया,जिस पद पर वह 1952 से लेकर 1962 तक विराजमान  रहे

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का व्यक्तित्व

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म तमिलनाडु के तिरुतनी गॉव में 5 सितंबर 1888 में हुआ था. आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद पढाई-लिखाई में उनकी काफी रुची थी । इनकी प्रारंभिक शिक्षा तिरुवल्लुर  के गौड़ी स्कूल और तिरुपति मिशन स्कूल में हुई । आगे की पढ़ाई उन्होंने मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से की तथा 1916 में दर्शनशास्त्र में M.A किया और मद्रास रेजीडेंसी कॉलेज में दर्शन शास्त्र के प्राध्यापक भी नियुक्त हुए

शिक्षा और डॉक्टर राधाकृष्णन

डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने राजनीति में आने से पूर्व लगभग 40 वर्षों तक अध्यापन का काम किया । भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के अनुरोध पर उन्होंने सोवियत संघ में एक राजनयिक के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व किया

उन्हें वर्ष 1954 में उनके शिक्षा एवं राजनीति के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए भारत सरकार ने भारत रत्न सम्मान से सम्मानित किया

उन्हें वर्ष 1962 में डॉ राजेंद्र प्रसाद के बाद भारत का दूसरा राष्ट्रपति बनाया गया. जिस पद  पर वह 1962 से 1967 तक विराजमान रहे । उनकी मृत्यु 17 अप्रैल 1975 को हुई

 शिक्षक दिवस की शुरुआत

डॉक्टर राधाकृष्णन का स्पष्ट मत था कि सही शिक्षा समाज की अनेकों बुराइयों का समूल विनाश कर सकती हैं ।

जब डॉक्टर राधाकृष्णन राष्ट्रपति बने तो उनके कुछ दोस्तों और विद्यार्थियों ने उनसे  उनके जन्मदिन को मनाने का आग्रह किया । उन्होंने उनसे कहा कि मेरे जन्मदिन के बदले अगर मेरे जन्मदिन को एक शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो यह मेरे लिए गरिमा और सम्मान की बात होगी । उसी के बाद से 5 सितंबर को भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है

कैसे मनाया जाता है शिक्षक दिवस

आमतौर पर शिक्षक दिवस ( teachers day in hindi ) के दिन स्कूलों एवं कॉलेजों में पढ़ाई-लिखाई नहीं होती है। इस दिन  छात्र अपने टीचर्स का सम्मान करते हैं । शिक्षकों के सम्मान में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं । शिक्षकों को STUDENTS तरह तरह के उपहार देतें हैं

इन कार्यक्रमों में शिक्षकों का सम्मान करने के साथ ही छात्र यह प्रण  लेते हैं कि वह अपने गुरुओं का सम्मान जीवन पर्यंत करते रहेंगे शिक्षक भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाने का संकल्प लेते हैं

विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को और उनके योगदान को  भी याद किया जाता है।

उपसंहार

आजकल विभिन्न समसामयिक परिस्थितियों के कारण शिक्षक और छात्र संबंध आदर्श स्थिति से बहुत दूर जा चुके हैं । शिक्षा का व्यवसायीकरण होने की वजह से गुरु शिष्य का संबंध भी व्यावसायिक जैसा हो गया है । आए दिन गुरु शिष्य संबंध को कलंकित करने वाली खबरें आती रहती हैं

अगर हम भारत को एक मजबूत और महान राष्ट्र के रूप में पुनः पद स्थापित करना चाहते हैं तो हमें गुरु शिष्य परंपरा के महान विरासत को मजबूत करना पड़ेगा ।  छात्र और शिक्षक दोनों ही जब बात को समझेंगे तभी एक मजबूत भारत की परिकल्पना साकार हो सकेगी



शिक्षक दिवस से जुड़ी कुछ खास बातें

  • शिक्षक दिवस पूरी दुनिया में मनाया जाता है, लेकिन अलग-अलग तिथियों को.
  • अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को मनाया जाता है .
  • चीन में 10 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है.
  • अमेरिका में  मई महीने के पहले पूर्ण सप्ताह के मंगलवार को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है .
  •  थाईलैंड में 16 जनवरी को शिक्षक दिवस मनाया जाता है.
  • ईरान में 2 मई को प्रोफेसर मुर्तज़ा मोतहरी की याद में शिक्षक दिवस मनाया जाता है .
  • तुर्की में 24 नवंबर को तो मलेशिया में 16 मई को मनाया जाता है शिक्षक दिवस.

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हमें पूरा विश्वास है कि शिक्षक दिवस के महत्व पर भाषण (importance of teachers day speech in hindi) या शिक्षक दिवस पर लेख(Teachers day in hindi) तैयार करने में यह आर्टिकल आपकी मदद करेगी ।

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