Home Biography ओपनिंग बल्लेबाज रोहित शर्मा की प्रेरक कहानी

ओपनिंग बल्लेबाज रोहित शर्मा की प्रेरक कहानी

Success Story of Rohit Sharma

रोहित शर्मा भारतीय क्रिकेट और विश्व क्रिकेट जगत का वह जगमगाता सितारा है, जिसे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक माना जाता है .अगर हम यह कहें कि वह आज के क्रिकेट का सबसे बेहतरीन बल्लेबाज है तो यह कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी. 

आज रोहित शर्मा के नाम कई विश्व रिकॉर्ड हैं. दुनिया रोहित शर्मा को हिटमैन के नाम से जानती है, लेकिन इस ऊंचाई को छूने के लिए रोहित शर्मा ने जो अपने जीवन में संघर्ष किया है, वह भी अपने आप में एक उदाहरण है. आगे है रोहित शर्मा के सफलता और संघर्ष की कहानी… 

Rohit Sharma Wiki

नामरोहित गुरुनाथ शर्मा
पितागुरुनाथ शर्मा
माता पूर्णिमा शर्मा
पत्नी रितिका सजदेह
जन्मतिथि 30 अप्रैल 1987

Rohit Sharma का प्रारंभिक जीवन 

रोहित शर्मा का जन्म 30 अप्रैल 1987 को महाराष्ट्र राज्य के नागपुर शहर के bansod  नामक जगह पर हुआ.

उनकी माता का नाम पूर्णिमा शर्मा और पिता का नाम गुरुनाथ शर्मा है. पिता गुरुनाथ शर्मा एक छोटे से ट्रांसपोर्ट स्टोर हाउस में केयरटेकर का काम करते थे. वहां काम करते हुए उनकी आमदनी इतनी नहीं थी कि वह रोहित  को अपने साथ रख कर उसकी पढ़ाई लिखाई का सही से इंतजाम कर सके. इस कारण रोहित अपने दादा और चाचा के साथ मुंबई के ही बोरीवली उपनगर में रहे. सप्ताहांत में उनके माता-पिता उनसे मिलने के लिए डोंबिवली(जहां वो लोग एक सिंगल रूम में रहते थे ) से बोरीवली तक जाते थे.

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रोहित की शिक्षा दीक्षा आवर लेडी वैलंकन्नी हाई स्कूल स्वामी विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल से हुई है.

रोहित शर्मा ने १३ दिसंबर २०१५  को रितिका सजदेह से विवाह कर लिया अभी एक बेटी के माता पिता हैं दोनों.

रोहित शर्मा की क्रिकेट की दीवानगी 

रोहित शर्मा में  बचपन से ही क्रिकेट की दीवानगी’ गजब की थी. रोहित टीवी पर कोई मैच देखना मिस नहीं करते थे. और उस जमाने के सभी दिग्गज क्रिकेटर को फॉलो  किया करते थे. रोहित, सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के भी जबरदस्त फैन रहे हैं. 

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इसी क्रिकेट के कीड़े की वजह से रोहित शर्मा ने अपने गली मोहल्लों में जमकर क्रिकेट खेली. जैसा कि अमूमन होता है मोहल्ले से कोई बड़ा खिलाड़ी तभी निकलता है जब आसपास के घरों के कुछ शीशे टूटते हैं. रोहित शर्मा कोई इसके अपवाद तो है नहीं… उन्होंने भी ऐसा कई बार किया और एक आध बार तो स्थिति इतनी खराब हो गई कि लोगों ने पुलिस में भी शिकायत कर दी.

क्रिकेटर बनने के लिए रोहित शर्मा का संघर्ष 

जैसा कि हम ऊपर बता चुके हैं कि रोहित शर्मा के परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी इसलिए वो अपने दादा के पास रहते थे. क्रिकेट जैसी अत्यंत प्रतिस्पर्धी खेल,जहां पर करियर की कोई गारंटी नहीं है. इस खेल में मकाम हासिल करना एक साधारण परिवार के व्यक्ति के लिए किसी दिवास्वप्न देखने जैसा ही है. लेकिन लगन और सच्ची चाहत हो, संकल्प दृढ़ हो तो आदमी हर उस कामयाबी को  पा सकता है जिसके बारे में वह सोचता है इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया रोहित शर्मा ने अपने संघर्ष से . 

रोहित ने कुछ दिनों खुद ही टूटे बल्ले और पुरानी गेंद से अभ्यास किया. उनके चाचा ने रोहित की  खेल में दिलचस्पी और प्रतिभा देखकर हिम्मत जुटाया और उन्हें क्रिकेट एकेडमी में दाखिल करवा दिया. रोहित शर्मा ने शुरुआत एक स्पिनर गेंदबाज के रूप में की थी और बल्लेबाजी में वह बहुत ही नीचे के क्रम में अभ्यास करते थे. उनकी बल्लेबाजी क्षमता को पहचानते हुए उनके कोच दिनेश लाड ने ओपनिंग बल्लेबाजी करने का मौका दिया. मौके को भुनाते  हुए रोहित ने पहले ही मैच में शतक ठोक कर सबका ध्यान अपनी तरफ आकृष्ट कर लिया. 

जैसा कि हमारे यहां अमूमन होता है लोग स्कूल में दाखिला तो करवा लेते हैं किताब नहीं खरीदते या फिर किताब अदला बदली करके पढ़ते रहते हैं. रोहित शर्मा भी शुरू में क्रिकेट का सामान खरीदने के लिए काफी परेशान रहे थे. रोहित शर्मा ने कुछ मौकों पर कहा है कि कई बार सिर्फ इसलिए शॉट मारने से बचते थे कि कहीं बैट न टूट जाए और फिर उन्हें एक नए बल्ले के लिए काफी लंबा इंतजार करना पड़ेगा.

रोहित शर्मा के सफल क्रिकेट करियर की शुरुआत:

गली और स्टेडियम क्रिकेट से बाहर रोहित शर्मा को सबसे पहला मौका 2005 में प्रतिष्ठित  देवधर ट्रॉफी में मिला. जहां उनका प्रदर्शन औसत ही रहा. इसके बाद रोहित ने चैंपियंस ट्रॉफी,एनकेपी,साल्वे ट्रॉफी खेली.  

रोहित को अपने करियर का सबसे पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का मौका आयरलैंड के खिलाफ 2007 में मिला था. शुरुआती सफलताओं,असफलताओं और औसत प्रदर्शन के बाद 2013 में उन्हें भारतीय टीम में ओपनिंग करने का मौका मिला उसके बाद रोहित शर्मा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. 

2013 में ही वानखेड़े और ईडन गार्डन में हुए मुकाबले में रोहित शर्मा ने अपने करियर के पहले दो टेस्ट मैच में लगातार दो शतक बनाए. वर्ष 2014 में श्रीलंका  के खिलाफ उन्होंने वनडे में सर्वाधिक 250 रन की शानदार पारी खेली और एकदिवसीय क्रिकेट में इतना बड़ा स्कोर बनाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए.

फिर वर्ष 2015 में T-20 में दक्षिण अफ्रीका के साथ उन्होंने सेंचुरी लगाई. देवधर ट्रॉफी से अपने करियर की शुरुआत करने वाला रोहित शर्मा इंडियन क्रिकेट का एक चमकदार सितारा बन चुका है. आईपीएल में उनकी शुरुआत डेक्कन चार्जर्स के साथ हुई और बाद में वह मुंबई इंडियंस में चले गए. रोहित शर्मा के नेतृत्व में मुंबई इंडियंस आईपीएल ट्रॉफी(IPL) में एक बहुत ही सशक्त टीम रही है. शर्मा के नेतृत्व में मुंबई इंडियंस ने 2011,2013,2015 और 2019 में आईपीएल की फाइनल ट्रॉफी जीतने में सफल हुई. 

Rohit Sharma द्वारा स्थापित कुछ कीर्तिमान:-

वैसे तो रोहित शर्मा के नाम कई सारे कीर्तिमान(records) है लेकिन हम यहां रोहित शर्मा के द्वारा बनाए गए मुख्य records  की चर्चा कर रहे हैं 

  • 13 दिसंबर 2017 को रोहित शर्मा ने अपने करियर का तीसरा दोहरा शतक लगाया. 
  • 22 दिसंबर 2017 को रोहित शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय टी-20 श्रीलंका के खिलाफ दूसरा शतक लगाया. 
  • वर्ष 2013 रोहित शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज में 491 रन बनाए जो अपनेआप में ऑस्ट्रेलिया में किसी बाहरी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया एक रिकॉर्ड  है. 
  • 13 नवंबर 2014 को रोहित शर्मा ने श्रीलंका के खिलाफ ईडन गार्डन (कोलकाता) में 264 रन बनाए थे. 
  • एक ही पारी में सर्वाधिक रन  चौके और छक्के मारकर लगाने का रिकॉर्ड भी रोहित शर्मा के पास है. 
  • किसी एक एकदिवसीय पारी में सर्वाधिक छक्के मारने का रिकॉर्ड भी रोहित शर्मा के पास है. रोहित शर्मा ने एक पारी में 16 छक्के लगाए थे(हालांकि बाद में रिकॉर्ड की बराबरी एबी डीविलियर्स और क्रिस गेल ने भी की थी) 
  • रोहित शर्मा भारत के ऐसे तीसरे बल्लेबाज हैं जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1000 से ज्यादा रन बनाए इससे पहले सचिन तेंदुलकर और एमएस धोनी ऐसा कर चुके हैं. 

रोहित शर्मा को मिले सम्मान

  • वनडे में दोहरा शतक लगाने के कारण वर्ष 2013 और 14 में ESPN के द्वारा इन्हें सबसे बेहतरीन बल्लेबाज के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.
  • रोहित शर्मा को बेहतरीन बल्लेबाजी के लिए वर्ष 2015 में भारत सरकार ने अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था. 
  • वर्ष 2019 में सिएट टायर द्वारा इन्हें ओडीआई क्रिकेटर ऑफ द ईयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

हमें पूरी उम्मीद है कि यह आर्टिकल आपको पसंद आयी होगी. अगर कुछ त्रुटि हो अथवा आप हमसे कुछ कहना चाहते हैं तो निश्चित रूप से कमेंट बॉक्स में लिख भेजें.


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