Home प्रेरणा (Motivation) Nobel Prize की पूरी जानकारी एवं नोबेल विजेता भारतीय

Nobel Prize की पूरी जानकारी एवं नोबेल विजेता भारतीय

इस आर्टिकल में हमने नोबेल पुरस्कार के बारे में संक्षिप्त परन्तु तथ्यात्मक बातों को रखने का प्रयास किया है । इसे(Nobel Prize in Hindi) पढ़ने के उपरांत आप जान पाएंगे कि नोबेल पुरस्कार क्या है ? और क्यों मिलता है ? साथ ही आप नोबेल पुरस्कार के चयन की प्रक्रिया तथा नोबेल से सम्मानित भारतीयों(Indian Nobel Prize Winners) के बारे में भी जान पाएंगे।

अंत में हमने नोबेल पुरस्कार से संबंधित कुछ रोचक तथ्यों को रखा है जिसे आप विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयुक्त पाएंगे। बाकि आप इसे कहां तक खड़ा पाते हैं कृपया कमेंट में जरूर लिख भेंजे ।

नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) क्या है ?

नोबेल पुरस्कार प्रत्येक वर्ष भौतिकी,रसायन,चिकित्सा विज्ञान,साहित्य,शांति,तथा अर्थ शास्त्र के क्षेत्र में  मानवता के कल्याणार्थ  किए गए विशेष कार्य एवं उत्कृष्ट अनुसंधान के लिए प्रदान किया जाता है। इसे इन सभी श्रेणियों में विश्व का सर्वोच्च पुरस्कार माना जाता है। 

नोबेल पुरस्कार कब से और क्यों मिल रहा है ?

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नोबेल पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में दिया जाता है। महान स्वीडिश अविष्कारक तथा उद्योगपति अलफ्रेड नोबेल जिन्होंने डायनामाइट के अविष्कार किया था, ने अपनी वसीयत में 1895 ईस्वी में यह घोषणा कर दी कि उनके द्वारा अर्जित विशाल संपत्ति में से 94% संपत्ति पर अधिकार उन लोगों का है जिन्होंने मानव कल्याण हेतु कुछ विशिष्ट कार्य किये हैं।

उनकी इसी वसीयत से नोबेल पुरस्कारों के सफल वितरण एवं संचालन हेतु नोबेल फाउंडेशन का जन्म 29 जून 1900 को हुआ।

नोबेल फाउंडेशन मुख्यतः एक नियामक संस्था है, जिसका काम वित्तीय तथा प्रशासकीय प्रबंधन है। जिसके देखरेख में 1901  से अब तक प्रतिवर्ष विश्व के कुछ महान लोगों को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। 

इस फाउंडेशन में 5 लोगों की टीम होती है जिसमें 4 सदस्य इस ट्रस्ट द्वारा तय किया जाता है तथा इस समिति का मुखिया किंग ऑफ कौंसिल द्वारा तय किया जाता था। वैसे वर्तमान में सभी पांचो सदस्यों की नियुक्ति Trust  द्वारा ही की जाती है। 

नोबेल पुरस्कार हेतु चयन की प्रक्रिया-Selection Process

विभिन्न श्रेणियों में नोबेल पुरस्कार के लिए चयन की प्रक्रिया समान है केवल वांछित योग्यताएं अलग अलग हैं। 

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प्रतिवर्ष अपने अपने क्षेत्र में विशेष स्थान रखने वाले लगभग 2000-3000 लोगों को नोबेल समिति द्वारा नॉमिनेशन फॉर्म भेजा जाता है,अमूमन सितंबर में। वहीं नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अनुशंसा हेतु पूर्व में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता, विभिन्न देशों की सरकारें ,वर्तमान तथा पूर्व नॉर्वेजियन कमेटी के सदस्यों से भी संपर्क किया जाता है। 

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नोबेल पुरस्कारों की घोषणा कैसे होती है ?

इसके बाद नोबेल समिति संबंधित विषय के विशेषज्ञ की सलाह के साथ संभावित उम्मीदवारों की सूची  पुरस्कार प्रदान करने वाली संस्थाओं तक पहुंचा देती है । इन संस्थाओं की बैठक में बहुमत से यह निर्धारित किया जाता है कि संबंधित क्षेत्र में इस वर्ष का नोबेल पुरस्कार किसे दिया जाएगा।

ध्यान रखने योग्य बात यह है कि किसी भी क्षेत्र में अधिकतम 3 व्यक्तियों को पुरस्कृत किया जा सकता है तथा दो काम(research or outstanding work) पुरस्कृत किये जा सकतें हैं। नोबेल शांति पुरस्कार(Nobel Peace Prize) सरकार, संस्था तथा व्यक्ति किसी को भी दिया जा सकता है। 

नोबेल पुरस्कारों का संचालन

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नोबेल पुरस्कार के सफल संचालन हेतु मुख्य रूप से दो संस्थाएं जिम्मेदार हैं जिनके बारे में हम आगे चर्चा कर रहें हैं। 1).नोबेल फाउंडेशन 2). नोबेल कमेटी 

नोबेल फाउंडेशन

नोबेल पुरस्कारों की घोषणा के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार पहली संस्था है नोबेल फाउंडेशन ।  नोबेल फाउंडेशन की स्थापना 29 मई 1900  को हुई थी।

यह संस्था वास्तव में अल्फ्रेड नोबेल द्वारा विरासत में छोड़े गए पेटेंट्स तथा उनकी कंपनियों से कमाए गए विशाल धन राशि के वित्तीय प्रबंधन तथा नोबेल पुरस्कार के प्रशासकीय प्रबंधन का जिम्मा संभालती है। 

नोबेल कमेटी  

नोबेल कमेटी/नोबेल समिति प्रति वर्ष नोबेल पुरस्कारों को प्राप्त करने वाले विश्व के महान हस्तियों के चयन प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार है। प्रत्येक नोबेल पुरस्कार के लिए एक Nobel committee  है।

इनमें से चार भौतिकी, रसायन, चिकित्सा तथा साहित्य के लिए जिम्मेदार नोबेल समिति  उस क्षेत्र विशेष में  पुरस्कार प्रदान करने वाली संस्थाओं के अंतर्गत ही काम करती है।

जबकि पांचवीं नोबेल समिति नॉर्वेजियन नोबेल समिति है तथा  नोबेल शांति पुरस्कार  के लिए उत्तरदायी है। इस समिति की  स्थिति थोड़ी भिन्न है क्योंकि यह काम करने वाला निकाय और नोबेल शांति पुरस्कार हेतु निर्णायक निकाय दोनों की भूमिका में है।

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नोबेल पुरस्कार में क्या मिलता है ?

जो भी व्यक्ति पुरस्कार जीतता है उसे सम्मान स्वरुप एक मेडल  एक प्रशस्ति-पत्र के साथ 10 लाख डालर की धनराशि भी प्रदान की जाती है। द रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेस फिजिक्स और इकोनॉमिक्स के लिए , कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट औषधी/चिकित्सा के क्षेत्र में और नॉर्वेजियन नोबेल समिति शांति के क्षेत्र में पुरस्कार देती है ।

नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले भारतीय 

Nobel Puraskar List in Hindi

  1. रवीन्द्र नाथ टैगोर
  2. सीवी रमन
  3. हरगोविंद खुराना
  4. मदर टेरेसा
  5. सुब्रमण्यम   चंद्रशेखर
  6. अमर्त्य सेन
  7. वी एस नायपाल 
  8. वेंकटरमन  रामकृष्णन 
  9. कैलाश सत्यार्थी
  10. अभिजीत विनायक बनर्जी

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नोबेल पुरस्कार जीतने वाले भारतीयों (indian nobel prize winners) के बारे में संक्षिप्त परिचय नीचे प्रस्तुत है । हालांकि इनमें से केवल तीन को ही पूर्णतः  भारतीय मान सकते हैं बाकी भारतीय मूल के विदेशी नागरिक हैं जिन्हें  सम्मानित किया गया है। फिर भी जैसा कि अमूमन होता है खुद को महान बताने के लिए हम लोग उनको जबरदस्ती भारतीय मान रहें हैं लेकिन जब तक वो यहाँ रहे उन्हें कौड़ियों का भी भाव शायद मिला नहीं !

रवीन्द्र नाथ टैगोर 

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रवीन्द्र नाथ टैगोर एशिया महादेश से नोबेल पुरस्कार पाने वाले पहले व्यक्ति थे । रवीन्द्र नाथ टैगोर को 1913 में साहित्य (Literature)  का नोबेल उनकी काव्य पुस्तक ‘गीतांजलि’ (Gitanjali) के लिए दिया गया था। रवीन्द्र नाथ टैगोर एक प्रसिद्ध कवि गीतकार एवं चित्रकार थे।

उनकी दो रचनाएं गीतांजलि और साधना विश्व प्रसिद्ध रही है। हमारी जानकारी में शायद विश्व के पहले और एकमात्र व्यक्ति हैं जिन्हें 2 देशों का राष्ट्रगान लिखने का गौरव प्राप्त हुआ है। 

सीवी रमन

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चन्द्रशेखर वेंकटरमन का जन्म 7 नवम्बर सन् 1888 ई. में तमिलनाडु के तिरुचिरापल्‍ली नामक स्थान में हुआ था। डॉक्टर सी वी रमन विज्ञान के क्षेत्र में Nobel Prize पाने वाले पहले भारतीय थे । उन्हें 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार उनकी खोज रमन इफ़ेक्ट पर दिया गया था।

भौतिकी में अपने शिष्य के एस कृष्णन के साथ मिलकर किया गया उनका काम आगे चलकर रामन इफेक्ट के नाम से मशहूर हुआ और सी वी रमन को नोबेल पुरस्कार मिला। 

हरगोविंद खुराना

डॉ हरगोविंद खुराना को 1968 में चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार दिया गया था।  उस समय खुराना ने अमेरिकी नागरिकता ले ली थी। उन्हें न्यूक्लियोटाइड का क्रम और प्रोटीन सेल के संश्लेषण के नियंत्रण  में इसकी भूमिका पर उनके शोध के लिए यह नोबेल पुरस्कार दिया गया था।

डॉ हरगोविंद खुराना का जन्म 1922 को रायपुर जिला मुल्तान (पाकिस्तान) में हुआ था। 1960 में वह विस्कॉसिन विश्वविद्यालय में प्राध्यापक भी नियुक्त हुए थे। 

मदर टेरेसा

मदर टेरेसा को 1979 में मानव कल्याण हेतु कार्य करने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार मिला। मदर टेरेसा का जन्म अल्बानिया में हुआ था। 1928 में वह घर छोड़ कर आयरलैंड की संस्था सिस्टर्स ऑफ लोरेटो में शामिल हुईं और सेवा कार्य तथा ईसाई धर्म का प्रचार करने के लिए  मिशनरी बनकर 1929 में कोलकाता आ गईं

1950-51 में उन्होंने भारतीय नागरिकता ले ली तथा अगले 45 सालों तक गरीब, असहाय और मरीजों की सेवा अपनी संस्था मिशनरीज़ ऑफ़ चैरिटी के माध्यम से करती रहीं। मदर टेरेसा को रेमन मैग्सेसे अवार्ड तथा नोबेल पुरस्कार के अलावा  भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से भी सम्मान्नित किया गया। 

सुब्रमण्यम   चंद्रशेखर

डॉ॰ सुब्रह्मण्याम चंद्रशेखर का जन्म  19 अक्टूबर 1910 को लाहौर (अब पाकिस्तान में) में हुआ था एवं प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा मद्रास में हुई। 18 वर्ष की आयु में चंद्रशेखर का पहला शोध पत्र ‘ इंडियन जर्नल ऑफ फिजिक्स ‘ में प्रकाशित हुआ।

उन्हें तारों की संरचना और विकास के प्रक्रियाओं का सैद्धांतिक अध्ययन के लिए भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से 1983 में सम्मानित किया गया था। चंद्रशेखर लिमिट उनके नाम पर ही है।

डॉ॰ सुब्रह्मण्याम चंद्रशेखर Nobel Prize Winner प्रथम भारतीय तथा सुप्रसिद्ध एशियाई वैज्ञानिक सर चंद्रशेखर वेंकट रामन के भतीजे थे। उनके दो विद्यार्थियों त्सुंग दाओ ली तथा चेन निंग येंग को भी भौतिकी के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

अमर्त्य सेन

अमर्त्य सेन पहले भारतीय व एशियाई थे जिन्हें अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार (1998) मिला। शांतिनिकेतन में जन्मे इस अर्थशास्त्री  का नामकरण रवींद्रनाथ टैगोर ने अमर्त्य अर्थात अमर (यानि जो मरे नहीं ) किया था ।

अमर्त्य सेन ने लोक कल्याणकारी अर्थशास्त्र की अवधारणा को प्रतिपादित किया । उन्होंने गरीबी और भुख  जैसी गंभीर विषयों पर काफी संजीदगी  से लिखा है। 

वी एस नायपॉल 

17 अगस्त 1932 को चगवानस, त्रिनिदाद और टोबैगो  में जन्मे भारतीय मूल के लेखक वी. एस. नायपॉल को 2001 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था  गया। इनके पूर्वज भारत से थे। A House for Mr Biswas ( अ हाउस फार मिस्टर बिस्वास ) इनका सबसे चर्चित उपन्यास है।

वेंकटरमन  रामकृष्णन 

venkat ramakrishnan

वेंकटरामन रामकृष्णन का जन्म तमिलनाडु के कड्डालोर जिले के चिदंबरम में हुआ था । इन्हें वर्ष 2009 में रसायन विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार कोशिका के अंदर प्रोटीन का निर्माण करने वाले राइबोसोम की कार्यप्रणाली व संरचना के अध्ययन पर इनके शोध हेतु दिया गया ।

ये तमिल मूल के तीसरे भारतीय व्यक्ति हैं जिनको नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। लगभग विज्ञान के सभी नोबेल प्राप्त करने वाले भारतीय का सम्बन्ध तमिलनाडु से ही है। 

कैलाश सत्यार्थी

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बाल अधिकारों की पैरवी एंव बाल श्रम के विरूद्ध  संघर्ष  के लिए वर्ष 2014 में नोबेल पुरुस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी का जन्म मध्य प्रदेश के विदिशा में 11 जनवरी 1954 को हुआ था। इन्हें बचपन बचाओ आंदोलन से बड़ी पहचान मिली।

Electrical Engg. की डिग्री के बावजूद 26 वर्ष की उम्र में ही करियर छोड़कर अपना जीवन बच्चों की सेवा और उनके अधिकारों की रक्षा में लगा दिया। इस त्याग को नोबेल समिति ने भी 2014  में स्वीकार किया। 

अभिजीत विनायक बनर्जी

अभिजीत बनर्जी का जन्म 21 फरवरी 961 को मुंबई में हुआ था। बनर्जी वर्तमान में भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक हैं। बनर्जी को 2019 में  अर्थशास्त्र के  नोबेल पुरूस्कार से इनकी पत्नी एस्थर डफ़्लो (जो कि एक फ्रेंच अमेरिकन अर्थशास्त्री हैं)  और माइकल क्रेमर के साथ सम्मानित किया गया।

अभिजीत बनर्जी फ़िलहाल  मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी(MIT) में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हैं तथा पॉवर्टी एक्शन लैब(Poverty Action Lab) के सह-संस्थापक भी। 

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नोबेल पुरस्कार(Nobel Prize) से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

  • पहली बार नोबेल पुरस्कार 1901 में भौतिकी, रसायन, चिकित्सा , साहित्य और शांति के क्षेत्र में दिया गया था। 
  • 1901 से लेकर 2019 तक 53 बार महिलाओं को नोबेल पुरस्कार मिला है। 
  • मैरी क्यूरी एक मात्र महिला हैं जिन्हें  दो बार नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था,1903 में भौतिकी और 1911 में  रसायन के लिए । 
  • पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई सबसे कम उम्र की नोबेल पुरस्कार विजेता हैं। उन्हें वर्ष 2014 में 17  साल की उम्र में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। 
  • हालांकि इससे पहले लॉरेंस ब्रैग को 1915 में भौतिकी में उनके पिता के साथ नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 
  • अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस समिति को 3 बार (1917,1944 एवं 1963 )तथा संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था  United Nations High Commissioner for Refugees (UNHCR) यूएनएससीआर को दो बारा (1954 एवं 1981) इस सम्मान से पुरस्कृत किया गया है। 
  • दुनिया के इतिहास में अब तक सिर्फ 4 लोगों को दो बार नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। 
    • मैरी क्यूरी
    • लिनस पॉलिंग
    • जॉन बारडीन  तथा 
    • फ्रेडरिक सेंगर
  • लिनस पॉलिंग एक मात्र व्यक्ति हैं जिन्हें  दो अविभाजित नोबेल पुरस्कार दिए गए हैं। 1954 में रसायन विज्ञान का नोबेल  तथा आठ साल बाद 1962 में उन्हें  उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया ।वैसे हम में से जिसने भी केमिकल बॉन्डिंग पढ़ा है वो लिनस पॉलिंग को Pauling’s principle  के लिए जानते ही होंगे। 

हमने तथ्यों का  सटीक,सुव्यवस्थित एवं सरल प्रस्तुति की पूरी कोशिश की है । हमें पूरा विश्वास है कि हमारा यह लेख- (Nobel Prize की पूरी जानकारी एवं नोबेल विजेता भारतीय) आपको पसंद आया होगा ।

आपको इस लेख में क्या नयी जानकारी मिली ? या क्या त्रुटि नजर आयी अथवा किसी भी अन्य प्रकार की टिप्पणियां नीचे कमेंट बॉक्स में सादर आमंत्रित हैं …लिख कर जरूर भेजें ! इस लेख को अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल्स पर शेयर भी करे क्योंकि Sharing is Caring !

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Reference (सन्दर्भ)

  • The Nobel Foundation
  • Encyclopedia Britannica
  • Wikipedia तथा इंटरनेट पर मौजूद अन्य अध्ययन सामग्रियां

इस आर्टिकल में प्रारंभिक तौर पर तथ्यों के संकलन में हमारा सहयोग करने हेतु हम श्री पवन कुमार का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। 

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