Home प्रेरणा (Motivation) नेतृत्व क्या है ?-Real Meaning of leadership in Hindi

नेतृत्व क्या है ?-Real Meaning of leadership in Hindi

इस पोस्ट leadership meaning in hindi में आप इस शब्द के हिन्दी अर्थ के अलावा लीडर शीप क्या है किसे कहते हैं लीडर ? विभिन्न विद्वानों के द्वारा leadership पर रखे गए विचार , इसके प्रकार और एक सफल नेतृत्वकर्ता बनने के लिए आवश्यक गुणों के बारे में जान पाएंगे । 

leadership meaning in Hindi( लीडरशीप का हिन्दी अर्थ )

हिन्दी में leadership का अर्थ है नेतृत्व
और Leader का मतलब होता है नेता

AD

यदि आपकी ईच्छा केवल leadership के शाब्दिक हिन्दी अर्थ समझने तक सीमित थी, तो आप इस पोस्ट को छोड़ कर विचारक्रांति के किसी और मनपसंद पोस्ट को पढ़ सकते हैं लेकिन यदि आप नेतृत्व से जुड़े अन्य मुख्य बिंदुओं और महत्वपूर्ण तथ्यों  के बारे में जानना चाहते हैं तो इस पोस्ट को पूरा पढ़ना आपके लिए उपयोगी हो सकता है । 

क्या है नेतृत्व ( What is Leadership)

Leadership अर्थात नेतृत्व को विश्व के कई प्रमुख मैनेजमेंट गुरुओं (Management Gurus) और विद्वानों ने अपने ढंग से परिभाषित करने की कोशिश की है । 

नेतृत्व सामाजिक प्रभाव स्थापित करने की एक सकारात्मक प्रक्रिया है , जिसमें किसी सामूहिक  लक्ष्य अथवा उदेश्य की प्राप्ति के लिए एक व्यक्ति अपने सहयोगियों को अपने साथ जोड़कर उनके प्रयासों को और अधिक प्रभावी तरीके से उपयोग कर पाता है । 

नेतृत्व एक तरह से लोगों से संबंध स्थापित करने की भी प्रक्रिया है, जिसमें अपने विचार और क्रियाकलाप के द्वारा एक समूह को किसी खास उद्देश्य की प्राप्ति के लिए प्रेरित किया जाता है । अगर लीडर कुत्सित विचारों वाला है तो कई बार वह लोगों को सिर्फ इसलिए प्रेरित करता है ताकि उसके लिए वांछित परिणाम प्राप्त हो सके और वह बाकी लोगों के हाथ झुनझुना पकड़ाकर आगे निकल ले । 

नेता कौन है ? 

नेता अथवा लीडर वह व्यक्ति है जो किसी खास उदेश्य की प्राप्ति कैसे होगी के लिए योजनाओं की रूपरेखा को तैयार करता है । फिर अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए  जनसमूह को प्रेरित करता है और मार्गदर्शन भी करता है । 

विद्वानों की परिभाषाएं 

विज्ञापन

विश्व के विभिन्न विद्वानों ने नेतृत्व को लेकर अपनी अपनी परिभाषाएं दी हैं । नेतृत्व को परिभाषित करने में मुख्य रूप से दो धरे हैं। जिसमें एक नेतृत्व को प्रक्रिया (process) मानता है और दूसरा इसे किसी भी व्यक्ति अथवा समूह के खास गुणों का समुच्चय मानता है । 

नीचे हम आपके संदर्भ हेतु विश्व के कुछ जाने माने नामों के द्वारा लीडरशीप को दी गई परिभाषा प्रस्तुत कर रहें हैं । आपकी सुविधा के लिए हमने इन सभी परिभाषाओं का हिन्दी रूपांतरण भी किया है ।

Leadership is a process of giving purpose (meaningful direction) to collective effort, and causing willing effort to be expended to achieve purpose.- (Jacobs & Jaques)

नेतृत्व सामूहिक प्रयास को एक सार्थक उदेश्य देने की एक प्रक्रिया है, और यह इस उद्देश्य प्राप्ति के लिए निर्धारित प्रयासों को पूरा करने का कारण बनता है ।  – (जैकब्स और जैक्स)

विज्ञापन

Leadership is defined as the process of influencing the activities of an organized group toward goal achievement. -(Rauch & Behling)

राउच और बेह्लिंग के अनुसार  नेतृत्व लक्ष्य प्राप्ति के लिए एक संगठित समूह की गतिविधियों को प्रभावित करने की प्रक्रिया है। – (राउच और बेह्लिंग)

Leadership is interpersonal influence, exercised in a situation, and directed, through the communication process, toward the attainment of a specified goal or goals.” (Tannenbaum, et al)

नेतृत्व पारस्परिक सामाजिक प्रभाव है, जिसका उपयोग  एक निर्दिष्ट लक्ष्य या लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए संचार प्रक्रिया के माध्यम से निर्देशित किया जाता है। – (ताननबाम तथा एट अल)

वहीं सिउला के अनुसार 

” नेतृत्व  लोगों के बीच विश्वास, दायित्व, प्रतिबद्धता, भावना और सांझी सकारात्मक दृष्टिकोण पर आधारित एक जटिल नैतिक संबंध है।” 

It is a complex moral relationship between people, based on trust, obligation, commitment, emotion, and a shared vision of the good. -(Ciulla)

नेतृत्व  के लिए आवश्यक गुण 

नेतृत्व(Hindi meaning of leadership) को वस्तुतः मैं भी एक प्रक्रिया ही मानता हूँ लेकिन इस नेतृत्व करने की  स्थिति तक पहुँचने के लिए किसी व्यक्ति में कुछ विशेषताओं का होना बहुत आवश्यक है ताकि उसके व्यक्तित्व से लोगों पर कुछ सकारात्मक  प्रभाव पड़े , जिससे उसका नेतृत्व दीर्घकालिक हो । 

जैसा कि ऊपर सिउला ने बताया है कि नेतृत्व के लिए भावनात्मक लगाव के साथ-साथ विश्वास, प्रतिबद्धता और दायित्वबोध जैसे गुण तो अपरिहार्य है ही हैं, इसके साथ कुछ अन्य गुण भी आवश्यक है जिस को अपनाकर एक प्रभावकारी व्यक्तित्व का निर्माण होता है  । उत्कृष्ट नेतृत्व कौशल के लिए आवश्यक गुण इस प्रकार से हैं –

1

संवाद कला :

किसी भी परिस्थिति और परिवेश में संवाद का अपना एक अलग महत्व है । प्रभावी नेतृत्व के लिए किसी व्यक्ति का अच्छा वक्ता होना बहुत आवश्यक है । इससे वह अपने लक्ष्य तक पहुँचने की रूपरेखा और लक्ष्य प्राप्ति के महत्व सहित अन्य महत्वपूर्ण बातों को अपने साथियों तक ठीक से पहुंचा सकता है । 

कई बार बीच-बीच में टीम का मनोबल भी कम पड़ने लगता है ऐसे में एक उत्कृष्ट वक्ता कठिन समय में भी अपने सहयोगियों  का मनोबल बढ़ते हुए उन्हे लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रेरित कर पाने में कामयाब हो पाएगा जिससे लक्ष्य शीघ्र प्राप्त होंगे । 

2

ईमानदारी :

ईमानदारी वह चारित्रिक गुण है जिससे किसी व्यक्ति पर लोगों का विश्वास बढ़ता है । किसी सामूहिक लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अपने नेतृत्व पर लोगों का विश्वास जितना अधिक होगा, लोग उतनी तन्मयता से अपने आप को लक्ष्य के प्रति समर्पित कर पाएंगे । 

3

जिम्मेदारी :

अपने घोषित लक्ष्य के प्रति जिम्मेदारी का भाव यानी कि किस काम को कब और कैसे अपनी योजना के अनुसार करना है ,कौन सा काम कब पूरा होना है आगे क्या होगा इन सबकी चिंता एक नेता और उसके नेतृत्व में लोगों का विश्वास बढ़ाता है ।  

4

विनम्रता :

विनम्रता से एक नेतृत्व की लोकप्रियता बढ़ती है । यदि नेतृत्वकर्ता के दरवाजे सबके लिए सुगम हो और वह अपने साथियों और फॉलोवर्स को पूर्ण सम्मान भी देता हो तो ऐसा नेतृत्व लोगों के दिलों पर राज करता है ।  ऐसे नेतृत्व की एक सुंदर सी बात मैंने कहीं पढ़ी थी कि एक नेता में गहराई इतना हो कि वह सुगमता से किसी के भी साथ बैठ सके और ऊंचाई ऐसी कि यदि वह उठ जाए तो फिर कोई बैठा न रहे । 

5

धैर्य :

धैर्य वैसे तो हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है लेकिन यह उस व्यक्ति हेतु जो नेतृत्व कर रहा हो बहुत आवश्यक है । जीवन में हर प्रयास के परिणाम हमारे अनुसार हो ऐसा जरूरी नहीं है। इसके आलवे भी अपने लक्ष्य तक पहुँचने के क्रम में कई बार बुरी घटनाओं और परिस्थितियों से भी गुजरना पड़ सकता है । ऐसे में एक धैर्यवान नेतृत्वकर्ता ही खुद को और अपने साथियों को किसी भी भटकाव से बचा कर आगे ले जा सकता है, ताकि पुनः नए तरीके से प्रयास किए जा सकें । 

6

साहस :

जब सबकुछ ठीक चल रहा हो , हर परिणाम अपने अनुरूप आ रहें हों तो कोई भी टीम को लेकर आगे बढ़ सकता है ,लेकिन जब आशानुरूप परिणाम नहीं आ रहें हों उस स्थिति में भी लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए धैर्य और साहस बहुत आवश्यक है । 

हर प्रयास सफल नहीं हो सकते लेकिन एक साहसी और सुलझा हुआ नेतृत्व वांछित परिणाम के लिए नए कदम भी उठा सकता है । 

7

जोखिम लेने की क्षमता:

जब आजमाए प्रक्रियाओं से परिणाम नहीं मिल रहें हो तो कुछ नया आजमाना पड़ता है । लेकिन नए को आजमाने में जहां परिणाम मिलने की उम्मीद है वहीं नुकसान होने की भी भारी संभावना है । 

लेकिन एक नेतृत्वकर्ता को अपने नेतृत्व को प्रामाणिक और सुदृढ़ बनाने के लिए हमेशा जोखिम लेने को तैयार रहना चाहिए बशर्ते कि उसे  जोखिम से होने वाले संभावित नुकसान का पूर्वानुमान हो । 

8

व्यक्तिगत संबंध बनाना :

एक सफल लीडर बनने के लिए व्यक्तिगत संबंधों की भी अपनी एक अलग अहमियत है । लोगों के सुख-दुख में शामिल होने से लोगों का अपने नेता के प्रति विश्वास और अपनापन बढ़ता है । इस प्रकार से स्थापित संबंध के प्रभाव दीर्घकालिक और दूरगामी होते हैं । लोग हर हाल में ऐसे लीडर के साथ आगे चलना पसंद करते हैं । 

नेतृत्व के प्रकार 

नेतृत्व(Hindi meaning of Leadership) को परंपरागत रूप में चार भाग में बांट सकतें हैं । जिसे आप भी सहजता से स्वीकार कर पाएंगे और समझ भी पाएंगे ।

1

निरंकुश नेतृत्व (Autocratic Leadership)  :

निरंकुश नेतृत्व में नेता अपने विचारों, मान्यताओं और धारणाओं के आधार पर लिए गए निर्णयों को अपने लोगों पर थोपता है। यहां रचनात्मकता की गुंजाईश बहुत कम है । ये एक तरह से वन मेन शो जैसा है, लेकिन ऐसी leadership ,ऐसा नेतृत्व उस स्थिति में अधिक लाभकारी हो सकता है, जब निर्णय शीघ्र लेने हों और नेतृत्व करने वाला व्यक्ति अपनी टीम का सबसे काबिल आदमी हो । 

2

लोकतांत्रिक नेतृत्व (Democratic Leadership) :

 इस तरह के नेतृत्व की प्रक्रिया में एक लीडर अपने सहयोगियों से भी किसी मसले पर राय विचार लेता है । किसी भी निर्णय को लेने से पहले उस पर सामूहिक रायशुमारी की जाती है और फिर उसके आधार पर निर्णय लिए जाते हैं । 

3

करिश्माई नेतृत्व (Charismatic Leadership) :

इस तरह के नेतृत्व में एक लीडर अपने व्यक्तित्व की चमक-दमक और अपने छवि के आधार पर लोगों को अपने साथ जोड़ता है । इसे भी एक तरह से निरंकुश नेतृत्व ही माना जा सकता है जहां एक आदमी ही सभी प्रकार के निर्णय लेने के लिए अधिकृत होता है । 

4

प्रतिनिधि नेतृत्व (Delegative Leadership /Laissez-Faire Leadership) :

इसमें लीडर स्वयं निर्णय नहीं लेकर अपने टीम के सदस्यों को अपने ज्ञान और विवेक से निर्णय लेने के लिए प्रेरित करता है । वैसे किसी भी देश में राजनैतिक तौर पर ऐसे नेतृत्व की कल्पना थोड़ी मुश्किल सी बात लगती है, लेकिन किसी कंपनी का कोई प्रोजेक्ट जहां विशेषज्ञ काम कर रहें हो वहां इस तरह का नेतृत्व फायदेमंद भी हो सकता है । 


हमें पूरा विश्वास है कि हमारे द्वारा नेतृत्व के संबंध में लिखित यह लेख-leadership meaning in Hindi या leadership का हिन्दी में अर्थ आप के लिए आशानुरूप और जानकारियों से भरा रहा होगा । लेख में यदि कोई त्रुटि रह गई हो अथवा इस लेख के विषय में आप कुछ कहना चाह रहें हो तो आपकी टिप्पणियां नीचे कमेंट बॉक्स में सादर आमंत्रित हैं …लिख कर जरूर भेजें ! इस लेख को अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल्स पर शेयर भी करे क्योंकि Sharing is Caring !

बने रहिये Vichar Kranti.Com के साथ । अपना बहुमूल्य समय देकर लेख पढ़ने के लिए आभार ! आने वाला समय आपके जीवन में शुभ हो ! फिर मुलाकात होगी किसी नए आर्टिकल में ..

अगर आपको यह पोस्ट पसंद आया हो तो आपको हमारा फेसबुक पेज जरुर पसंद आएगा…! हमसे जुड़ने के लिए इस लिंक >> विचारक्रांति फेसबुक पेज << पर क्लिक करके आप हमसे Facebook पर जुड़ सकतें हैं

निवेदन :यदि आप भी हिंदी में कुछ मोटिवेशनल अथवा अन्य आर्टिकल लिख कर प्रकाशित करवाना चाहते हैं, तो लिख भेजिए अपने फोटो के साथ हमारे Email पते पर। हम उसे समीक्षा के पश्चात आपके नाम से प्रकाशित करेंगे।हमसे जुड़ने के लिए संपर्क कीजिये Email :contact@vicharkranti.com

AD

इस पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया,अपनी बातें यहां नीचे कमेंट बॉक्स में लिख कर हम तक जरूर भेजिए.सभी नए पोस्ट के ईमेल नोटिफिकेशन पाने के लिए नीचे चेकबॉक्स को टिक करिये. धन्यवाद...!

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

कुछ नए पोस्ट्स

पंचतंत्र की कहानी : हितचिंतकों का कहा मानिए ।

मित्र प्रस्तुत कहानी मूल रूप से पंचतंत्र की कहानियों से अनुदित की गई है...

नेतृत्व क्या है ?-Real Meaning of leadership in Hindi

इस पोस्ट leadership meaning in hindi में आप इस शब्द के हिन्दी अर्थ के...

भारत की जनसंख्या कितनी है 2020 में

भारत की बेतहाशा जनसंख्या वृद्धि  पर आपने जरूर किसी न किसी चर्चा में भाग...

मित्रता पर कविताएं -Poem on Friendship in Hindi

मित्रता संबंधों के खजाने का वो अकेला बहुमूल्य रत्न है जिसकी उपस्थिति मात्र से...

परोपकार का फल -प्रेरक हिन्दी कहानी

भारतीय दर्शन में तो परोपकार की बड़ी महिमा बताई गई है । दूसरे शब्दों...

एटीएम का फुल फॉर्म तथा जानिए ATM के बारे में बहुत कुछ

आप जब इस पोस्ट-" एटीएम का फुल फॉर्म तथा ATM के बारे में बहुत...

TRP क्या है और टीवी के लिए कैसे महत्वपूर्ण है ?

आजकल जिस तरह से टीआरपी से जुड़े मुद्दे सामने आ रहे हैं । खास...

Communication Skill सुधारने के 9 टिप्स हिन्दी में

Communication Skill in Hindi: इस लेख में आप जान पाएंगे कम्यूनिकेशन स्किल से संबंधित...

दुर्गापूजा पर निबंध Druga Puja Essay in Hindi

दुर्गापूजा पर निबंध: शारदीय नवरात्र बहुत समीप है तो हमने सोचा कि क्यों...

Hindi Handwriting सुधारने के 9 सूत्र

Hindi Handwriting:अच्छा लिखना हम सब की ईच्छा होती है लेकिन सभी की लिखावट अच्छी...
संबद्ध लिंक अमेजन -

पढिए अच्छी किताबों मे
सफलता के सीक्रेट

Vichar-Kranti

पढ़िए जीवन बदलने वाले Ideas,महापुरुषों के प्रेरक वचन,जीवनी, करियर के विकल्प और भी बहुत कुछ...जुड़िये विचारक्रांति से

error: Content is protected !!