HomeHindiआवेदन पत्र लेखन समझिए हिन्दी में - Application in Hindi

आवेदन पत्र लेखन समझिए हिन्दी में – Application in Hindi

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यह आर्टिकल विशेष रूप से विद्यार्थियों को ध्यान में रख कर लिखी गई है तथा इसमें हम बात करने वाले हैं हिन्दी पत्रलेखन और उसमें भी विशेषतः हिन्दी में आवेदन पत्र लेखन (application in hindi) के विषय में । शुरू में हम थोड़ा सा जानेंगे कि पत्र क्या होता है ? उसके लिखने की वजह और पत्रों के प्रकार के बारे में फिर आगे कुछ प्रमुख पत्र प्रारूपों के बारे में भी बात करेंगे । यदि आप पहले से ही हिन्दी पत्रलेखन के विषय को गहनता से जानते हैं तो फिर किसी दूसरे आर्टिकल को पढिए …लिंक नीचे दिया हुआ है ।

मित्र !वैसे तो कक्षा 10 तक की पढ़ाई का लगभग हर चीज जो हम सीखते हैं वह उपयोग में आ ही जाता है । लेकिन उन सब में सीखी गयी, आवेदन लिखने की विधा, वह महत्वपूर्ण विधा है, जो हमें जीवन पर्यंत काम आता रहता है। 

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आवेदन पत्र लेखन से पहले आवेदन के बारे में थोड़ा जान लेना- ‘ कैसे लिखे आवेदन पत्र ‘ इस ऊहापोह से तो आपको बचाएगा ही, आपको आवेदन पत्र लेखन के क्षेत्र में महारत हासिल करने मे मददगार भी होगा । चलिए पहले जानते हैं आवेदन के बारे में –

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क्या होता है आवेदन 

आवेदन एक प्रकार का प्रार्थना,याचना या अनुरोध पत्र होता है, जिसे हम अमूमन विभिन्न सरकारी या निजी कार्यालयों में अपने किसी आग्रह या अनुरोध की पूर्ति के लिए लिखते हैं । 

छुट्टी स्वीकृत करने हेतु विद्यालय में अपने प्रधानाध्यापक को , कॉलेज में प्रिंसिपल को , बैंक में खाता खुलवाने के लिए बैंक के शाखा प्रबंधक को , पुलिस थाना में चौकी इंचार्ज को किसी वाद-विवाद के विषय में सूचित करने के लिए , गाँव में ग्रामप्रधान को या ब्लॉक स्तर पर बीडीओ को अपने किसी शिकायत या आवासीय और आय प्रमाणपत्र निर्गत करने हेतु सहित ऐसे ही अन्य तमाम मौकों पर हमें आवेदन पत्र लिखने की आवश्यकता पड़ती है। 

तो इस तरह से स्कूल-कॉलेज के बाद वाला जो जीवन है, उसमें 2+2=4 (यानि प्राथमिक गणितीय ज्ञान ) के इतर सबसे अधिक यदि कोई विद्या काम आती है तो वह है – आवेदन लिखना। 

क्यों लिखते हैं आवेदन पत्र

आवेदन हम अपनी किसी मांग / प्रार्थना को स्वीकार कर उसकी पूर्ति हेतु अनुरोध करने के लिए लिखते हैं । दैनिक जीवन में हमें कई सरकारी कार्यालय और अधिकारियों से अपने कार्यों के संपादन के लिए अनुरोध और सिफ़ारिश करनी पड़ती है । वहीं निजी संस्थानों में भी अपने वरिष्ठ सहकर्मियों को संबोधित करते हुए उन तक अपनी बात पहुंचानी पड़ती है । अपने इन्हीं कार्यों को ध्यान में रखते हुए हम जो पत्र लिखते हैं वह आवेदन कहलाता है। 

पत्रों के प्रकार 

पत्रों को सामान्यतः दो भागों में बांटा जाता है ।

  1. औपचारिक पत्रलेखन 
  2. अनौपचारिक पत्रलेखन 

औपचारिक पत्रों की श्रेणी में आते हैं  ।

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औपचारिक पत्र लेखन की श्रेणी में फॉर्मल लेटर , किसी कार्य हेतु फॉलो अप लेटर ,रिज्यूमे , कवर लेटर या किसी नौकरी को स्वीकार करने के बाद लिखी गई जॉब अक्सेप्टन्स लेटर आदि होते हैं ।

  1. Formal Letter 
  2. Resume 
  3. Followup
  4. Job acceptance letter 
  5. Reference letter
  6. cover letter 

अनौपचारिक पत्रों की श्रेणी में आते हैं – 

बधाई पत्र , शुभकामना पत्र , निमंत्रण और सांत्वना पत्र अथवा किसी अन्य प्रकार की जानकारी या विषय को संबोधित करता हुआ पत्र ये सभी अनौपचारिक पत्रों की श्रेणी में आते हैं ।  

  1. Apology letter
  2.  Complain 
  3. appreciation
  4. thankyou
  5. condolence 
  6. invitation letter 

अनौपचारिक पत्र लेखन में जहां मित्रवत सम्बोधन का प्रयोग होता है वहीं शब्दावली आसान और सहज होती है जबकि औपचारिक पत्र की शब्दावली और सम्बोधन थोड़ी अलग होती है । औपचारिक पत्रलेखन में आसान शब्दों और सरल संक्षिप्त वाक्यों में जिस अधिकारी को पत्र लिख रहे हैं उसको उचित सम्मान देते हुए अपनी बात उस तक पहुंचानी होती है । 

औपचारिक पत्रों की लंबाई या शब्द सीमा कम होती है , जबकि अनौपचारिक पत्र चूंकि किसी परिचित व्यक्ति को ही लिखे जाते हैं इसलिए उनमें शब्दों की संख्या अधिक भी हो सकती है । अनौपचारिक पत्रों में हम मुद्दों  के अलावा किसी अन्य विषय पर भी बात कर सकते हैं । 

कुछ लोग व्यावसायिक पत्र लेखन को एक अलग श्रेणी में रखते हैं परंतु वास्तव में व्यावसायिक पत्र लेखन भी औपचारिक पत्र लेखन का ही एक उप प्रकार होता है। 

औपचारिक और अनौपचारिक पत्र लेखन में एक और अंतर यह होता है कि प्रायः औपचारिक पत्र किसी संस्था या संस्था का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी व्यक्ति को लिखा जाता है, जबकि अनौपचारिक पत्र अपने किसी संबंधी अथवा परिचित व्यक्ति को ही हम लिखते हैं । 

आवेदन पत्र लेखन

आवेदन पत्र लेखन में बरती जाने वाली सावधानियां : 

किसी भी प्रकार के पत्र लेखन में कुछ खास बातों का ध्यान जरूर रखा जाना चाहिए, जिससे सामने वाले व्यक्ति तक अपनी बात सही से पहुंचाया जा सके । 

  • पत्र लेखन में आसान और सहज शब्दों और वाक्य विन्यास का प्रयोग करें
  • किसी भी प्रकार के पत्र लेखन में इस बात का ख्याल रखा जाना चाहिए कि भाषा सरल हो और उदेश्य एकदम स्पष्ट । 
  • पत्र लेखन में कभी भी अमर्यादित , कठोर और असभ्य शब्दों का प्रयोग नहीं करें । 
  • पत्र पाने वाले व्यक्ति / पावती – के विषय में हमेशा सही सम्बोधन रखें ।  
  • कोशिश करे कि पृष्ठ के चारों तरफ समान चौथाई भाग जगह खाली छोड़ कर लिखे ।  
  • शब्दों और वाक्यों के बीच में दूरी बराबर रहे इसका भी ख्याल रखें । 
  • कोशिश करें कि व्याकरणिक (व्याकरण की ) अशुद्धियाँ नहीं हों । 

आवेदन पत्र लेखन का प्रारूप

विभिन्न कार्यों के लिए आवेदन कैसे लिखा जाता है, इसका एक निर्धारित प्रारूप है । जिसका हम सभी बचपन से ही प्रयोग करते आए हैं । आगे हम – आवेदन पत्र कैसे लिखे ? इसकी एक रूपरेखा प्रस्तुत कर रहें हैं । जिसमें विभिन्न अवसरों पर लिखे जाने वाले पत्रों को हमने प्रस्तुत किया है । आप इसमें अपने लिए उपयोगी Hindi Application Format को चयनित करके उपयोग कर सकते हैं । सबसे पहले सामान्य आवेदन का प्रारूप

सामान्य आवेदन प्रारूप


सेवा में
श्रीमान/श्रीमती / सुश्री (अधिकारी का पदनाम )
कार्यालय का पता

विषय :- (जिस विषय के संबंध में आप यह आवेदन लिख रहे हैं उसको संक्षिप्त में लिखिए )
आवेदन की मुख्य बातें
समापन
अपना हस्ताक्षर नाम और पता
दिनांक


आगे हम विविध विषयों पर आवेदन का प्रारूप (Application Format in Hindi) प्रस्तुत कर रहें हैं । आप इन पत्रों में से अपने लिए उपयुक्त को चिन्हित करके  उसमें अपने अनुसार थोड़ा बहुत परिवर्तन कर, इसे उपयोग में ला सकते हैं । 

आवेदन पत्र लेखन के विभिन्न प्रारूप

आवेदन संख्या :01


विषय :- भाई के विवाह के कारण एक सप्ताह की छुट्टी
सेवा में
श्री मान प्रधानाध्यापक महोदय
केंद्रीय विद्यालय रोहतक
हरियाणा

विषय : – एक सप्ताह की छुट्टी के संबंध में

आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय । आगामी अप्रैल महीने के 22 तारीख को मेरे बड़े भैया श्री अमित कुमार का विवाह तय हुआ है। इस खुशी के मौके पर सब कुछ सही से सम्पन्न करने में मेरी अहम जिम्मेदारी है । पिताजी का भी यही आग्रह है कि मैं थोड़े दिन घर पर ही रुंकू और इस समारोह के आयोजन में उनका सहयोग करूँ ।
अतः आपसे सविनय निवेदन है कि आप कृपा पूर्वक मेरी प्रार्थना को स्वीकार करते हुए मुझे 1 सप्ताह की छुट्टी देने का कष्ट करें। इस कार्य के लिए मैं सदैव आपका आभारी रहूँगा ।


आपका विश्वासभाजक छात्र:
सुमित कुमार
कक्षा-10
क्रमांक-03


आवेदन संख्या : 02 


विषय :- ज्वर से पीड़ित होने के कारण 7 दिनों की छुट्टी।

सेवा में
श्री मान प्रधानाध्यापक महोदय
केंद्रीय विद्यालय रोहतक
हरियाणा

विषय :- ज्वर से पीड़ित होने के कारण 7 दिनों की छुट्टी।

महाशय मैं पिछले दो दिनों से बुखार से पीड़ित हूँ । उपचार हेतु चिकिसक से संपर्क करने पर उन्होंने दवाई के साथ 7 दिनों के लिए भरपूर आराम करने का परामर्श दिया है। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि मेरी दिनांक 23-जनवरी से 30 जनवरी तक 7 दिनों के लिए छुट्टी मंजूर करने की कृपा करें । इस कार्य के लिए मैं सदैव आपका आभारी रहूँगा ।


आपका विश्वास भाजक छात्र
सुमित कुमार
कक्षा -10
क्रमांक-03


आवेदन संख्या :-03 


विषय :- गाँव जाने के लिए 5 दिनों की छुट्टी

सेवा में
श्री मान प्रधानाध्यापक महोदय
केंद्रीय विद्यालय रोहतक हरियाणा

विषय :- गांव जाने के लिए 5 दिनों की छुट्टी।

महाशय गाँव में मेरे दादा जी की तबीयत खराब है, जिस कारण उनकी सही से सेवा सुश्रुषा और देखभाल के लिए मेरा पूरा परिवार गांव जा रहा है। मैं भी अपने दादा जी का हालचाल जानने गाँव जाना चाहता हूँ। उनकी थोड़ी सेवा सुश्रुषा करने और उनका हाल चाल लेने के बाद मैं शीघ्र ही विद्यालय आकर पुनः अपनी पढ़ाई में जुट जाऊंगा।
अतः: आपसे विनम्र निवेदन है कि 5 दिनों के लिए मेरी छुट्टी के आवेदन को स्वीकार करते हुए मुझे छुट्टी प्रदान करने की कृपा करें। इस कार्य के लिए मैं सदैव आपका आभारी रहूँगा।

आपका विश्वास भाजक छात्र
सुमित कुमार
कक्षा -10
क्रमांक-01


आवेदन संख्या :-04 


विषय :- बैंक में खाता खुलवाने के लिए प्रबन्धक को आवेदन

सेवा में
श्रीमान शाखा प्रबन्धक महोदय
भारतीय स्टेट बैंक
झझझर , हरियाणा।

विषय :- बैंक में खाता खुलवाने के लिए।

महाशय मैं दसवीं कक्षा की छात्रा हूँ और इस साल मुझे राज्य सरकार की तरफ से छात्रवृत्ति के लिए चुना गया है। सरकार की तरफ से मिलने वाली छात्रवृत्ति के लिए बैंक में अपने नाम पर खाता होना आवश्यक है। मैंने बैंक खाता खुलवाने के लिए सभी फॉर्म को भर कर आवश्यक दस्तावेजों को भी संलग्न कर दिया है।

आपसे विनम्र निवेदन है कि इस बैंक में मेरा खाता खोलने के लिए अनुमति प्रदान करते हुए आवश्यक कार्रवाई करें। इस कार्य के लिए मैं सदैव आपका आभारी रहूँगी ।


आपकी विश्वासी
कुमारी रश्मि
कक्षा -10
क्रमांक-02


कार्यालय संबंधी आवेदन


आवेदन संख्या :-05

विषय :- गृहप्रवेश के कारण छुट्टी हेतु आवेदन

सेवा में,
श्रीमान प्रबन्धक/निदेशक महोदय
पी एल प्राइवेट लिमिटेड
गुड़गांव , हरियाणा।

विषय :- गृह प्रवेश के कारण 3 दिनों की छुट्टी हेतु आवेदन ।

महाशय मैं समीर साकेत , आपकी टीम में सीनियर इंजीनीयर के पद पर कार्य करता हूँ। अभी पिछले महीने मैंने बैंक से लोन लेकर एक घर खरीदा है जिसकी सूचना मैंने आपको दी थी। महाशय कल 11 तारीख को उस घर में हम गृह प्रवेश की पूजा का कार्यक्रम रखने जा रहें हैं। अत: मैं अगले दो दिन कार्यालय आने में असमर्थ हूँ ।

कृपया मेरी छुट्टी प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए मुझे अगले दो दिनों की छुट्टी प्रदान करने की कृपा करें। इस कार्य के लिए मैं सदैव आपका आभारी रहूँगा


आपका विश्वासी
समीर साकेत
सीनियर इंजीनीयर
पहचान संख्या : – PLSE125


आवेदन संख्या :-06 


विषय :- अपरिहार्य निजी कारण से छुट्टी हेतु आवेदन

सेवा में
श्रीमान प्रबन्धक महोदय
पी एल प्राइवेट लिमिटेड
गुड़गांव , हरियाणा।

विषय :- अपरिहार्य निजी कारण से छुट्टी हेतु आवेदन।

महाशय मैं समीर साकेत आपके प्रोडक्शन टीम में सीनियर इंजीनीयर के पद पर कार्य करता हूँ। अचानक एक आवश्यक व्यक्तिगत कार्य के कारण मैं 2 दिनों के लिए अहमदाबाद जा रहा हूँ। अत: मैं अगले दो दिन कार्यालय आने में असमर्थ हूँ।
कृपया मेरी छुट्टी प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए मुझे अगले दो दिनों की छुट्टी प्रदान करने की कृपा करें। इस कार्य के लिए मैं सदैव आपका आभारी रहूँगा।


आपका विश्वासी
समीरसाकेत
सीनियर इंजीनीयर
पहचान संख्या : -PLSE125


इसके साथ ही समाप्त होता है पत्रलेखन से संबंधित यह आर्टिकल application writing in hindi …! आप की प्रतिक्रिया ही हमें बताएंगी कि आगे हमें ऐसे विषय पर और लिखने हैं या फिर इस शृंखला को यहीं छोड़नी है ।

बाकी हमें पूरा विश्वास है कि हमारा यह लेख- जिसमें हमने आवेदन पत्र लेखन को हिन्दी में समझाने की कोशिश की है आपको अच्छा लगा होगा । त्रुटियों की ओर ध्यान आकृष्ट करने हेतु, अथवा अपनी टिप्पणियों से हमारा मार्गदर्शन करने लिए नीचे कमेन्ट बॉक्स में आपके विचारों का स्वागत है । अपने अपने विचार हम तक लिख कर जरूर भेजें ! इस लेख को अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल्स पर शेयर भी करे क्योंकि Sharing is Caring !

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